Wednesday, April 18, 2018

Dr. A P J Abdul Kalam Life Principles in Hindi डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के 11 सिद्धांत

       Dr. A P J Abdul Kalam Life Principles in Hindi             

 डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के 11  सिद्धांत


एक महान विचारक, विद्वान, विज्ञानविद और उच्च कोटी के मनुष्य, भारत के 11वें राषट्रपति डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, एक ख्याती प्राप्त वैज्ञानिक इंजीनियर जिन्होने भारत को उन्नत देशों के समूह में सबसे आगे लाने के लिये प्रक्षेपण यानो तथा मिसाइल प्रऔद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय येगदान दिये हैं

तमिलनाडु के रामेश्वरम्  में 15 अक्टूबर को जन्में डॉ. अब्दुल कलाम अपनी सफलता का श्रेय सर्वप्रथम अपनी माँ को देते हैं, उनके अनुसार-

    मैं अपने बचपन के दिन नही भूल सकता, मेरे बचपन को निखारने में मेरी माँ का विषेश योगदान है। उन्होने मुझे अच्छे-बुरे को समझने की शिक्षा दी। छात्र जीवन के दौरान जब मैं घर-घर अखबार बाँट कर वापस आता था तो माँ के हाँथ का नाश्ता तैयार मिलता। पढाई के प्रति मेरे रुझान को देखते हुए मेरी माँ ने मेरे लिये छोटा सा लैम्प खरीदा था, जिससे मैं रात को 11 बजे तक पढ सकता था। माँ ने अगर साथ न दिया होता तो मैं यहां तक न पहुचता।
    अब्दुल कलाम एक तपस्वी होने के साथ-साथ एक कर्मयोगी भी हैं। अपनी लगन, कङी मेहनत और कार्यप्रणाली के बल पर असफलताओं को झेलते हुए आगे बढते गये। अपनी उपलब्धियों के दम पर आज उनका स्थान अर्न्तराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की सर्वोच्च श्रेणी में आता है।
     प्रारम्भिक जीवन में अभाव के बावजूद वे किस तरह राष्ट्रपति के पद तक पहुँचे ये बात हम सभी के लिये प्रेरणास्पद है। उनकी शालीनता, सादगी और सौम्यता किसी महापुरुष से कम नही है। उनसे मिलने की इच्छा स्वाभाविक है जो हममें से कई लोगों की होगी।। उनके जीवन से हम बहुत प्रभावित हैं। हम उनको अपना आर्दश मानते हैं।
    डॉ. कलाम बच्चों तथा युवाओं में बहुत लोकप्रिय हैं। हम सब आदरवश उन्हे मिसाइल मैन कह कर बुलाते हैं। अपने सहयोगियों के प्रति घनिष्ठता एवं प्रेमभाव के लिये कुछ लोग उन्हे ‘वेल्डर ऑफ पिपुल’ भी कहते हैं। परिवारजन तथा बचपन के मित्रजन ‘आजाद’ कह कर पुकारते थे।
    डॉ. कलाम के दर्शन सिद्धान्त बेहद प्रभावशाली हैं।
    1. जो लोग जिम्मेदार, सरल, ईमानदार एवं मेहनती होते हैं, उन्हे ईश्वर द्वारा विशेष सम्मान मिलता है। क्योंकि वे इस धरती पर उसकी श्रेष्ठ रचना हैं।
    2. किसी के जीवन में उजाला लाओ।
    3. दूसरों का आशीर्वाद प्राप्त करो, माता-पिता की सेवा करो, बङों तथा शिक्षकों का आदर करो, और अपने देश से प्रेम करो इनके बिना जीवन अर्थहीन है।
    4. देना सबसे उच्च एवं श्रेष्ठ गुणं है, परन्तु उसे पूर्णता देने के लिये उसके साथ क्षमा भी होनी चाहिये।
    5. कम से कम दो गरीब बच्चों को आत्मर्निभर बनाने के लिये उनकी शिक्षा में मदद करो।
    6. सरलता और परिश्रम का मार्ग अपनाओ, जो सफलता का एक मात्र रास्ता है।
    7. प्रकृति से सीखो जहाँ सब कुछ छिपा है।
    8. हमें मुस्कराहट का परिधान जरूर पहनना चाहिये तथा उसे सुरक्षित रखने के लिये हमारी आत्मा को गुणों का परिधान पहनाना चाहिये।
    9. समय, धैर्य तथा प्रकृति, सभी प्रकार की पिङाओं को दूर करने और सभी प्रकार के जख्मो को भरने वाले बेहतर चिकित्सक हैं।
    10. अपने जीवन में उच्चतम एवं श्रेष्ठ लक्ष्य रखो और उसे प्राप्त करो।
    11. प्रत्येक क्षण रचनात्मकता का क्षण है, उसे व्यर्थ मत करो।
     अब्दुल कलाम, सादा जीवन, उच्च विचार तथा कङी मेहनत के उद्देश्य को मानने वाले वो महापुरूष हैं जिन्होने सभी उद्देशों को अपने जीवन में निरंतर जिया भी है। उनका कहना है कि—-
    सपने देखना बेहद जरूरी है, लेकिन सपने देखकर ही उसे हासिल नही किया जा सकता। सबसे ज्यादा जरूरी है जिन्दगी में खुद के लिये कोई लक्ष्य तय करना.
    भारत को गौरवान्वित करने वाले महापुरुष को हमारा शत् शत् नमन—– जय हिन्द


    डॉ. अब्दुल कलाम के जीवन के 10 प्रेरक प्रसंग

    डॉ. अब्दुल कलाम के जीवन के 10 प्रेरक प्रसंग


    Real Life Inspiring Incidents From Dr. APJ Abdul Kalam's Life
    हमारे अन्दर थोड़ी सी अच्छाई होती है तो हमें लगता है कि हम कितने अच्छे हैं ! किसी नेत्रहीन को सड़क पार करा दिया तो लगता है कि कुछ बड़ा काम कर दिया…किसी स्वच्छता अभियान में झाड़ू उठा ली तो भी हम कुछ proud सा फील करते हैं…ठीक है! अपनी जगह ये काम भी ठीक हैं।

    लेकिन जब हम महात्मा गाँधी और Dr. A.P.J Abdul Kalam जैसे महान लोगों के जीवन में झांकते हैं तो समझ आता है कि  हम तो कुछ भी नहीं हैं …literally कुछ भी नहीं।
    इनकी सादगी और महानता के बारे में पढ़ कर आँखें नम हो जाती हैं कि कोई ऐसा भी हो सकता है भला! और फिर लगता है कि अगर इनके जैसा बनना है तो अन्दर से बहुत सफाई करनी होगी…खुद को बहुत pure बनाना होगा…and I really wish कि इनसे प्रेरणा लेकर मैं और बहुत से लोग ऐसा कर पाएं !
    दोस्तों गाँधी जी के जीवन के बारे में मैं बहुत कुछ AchhiKhabar.Com पर share कर चुका हूँ, और आज पंद्रह अक्टूबर; डॉ. कलाम के जन्मदिन के शुभ अवसर पर मैं उनकी life से related कुछ बेहद inspiring incidents आप सबसे share कर रहा हूँ।
    आइये हम इन्हें सिर्फ पढ़ें नहीं, बल्कि इनसे मिलने वाली सीख को अपने जीवन में उतारने का प्रयास भी करें।

    Inspiring Real Life Incidents from Dr. A.P.J Abdul Kalam’s Life in Hindi


    1. जब डॉ कलाम बतौर वैज्ञानिक काम करते थे तो एक बार उनकी टीम के एक सदस्य ने घर जल्दी जाने की अनुमति मांगी ताकि वो अपने बच्चों को एक exhibition में ले जा सके। लेकिन व्यस्तता के कारण वो ये बात भूल गया। शाम को sorry feel करता हुआ जब वो थोड़ी देर से घर पहुंचा तो पता चला कि डॉ कलाम बच्चों को प्रदर्शनी दिखाने ले गए हैं।
    2. 2013 में San Diego, California, में आयोजित एक समारोह में जब खाने के वक्त कुछ भारतीय बच्चे डॉ कलाम से मिलने पहुंचे तब उन्होंने एक स्टूडेंट को अपनी प्लेट में खाने के लिए कहा। Insist करने पर बच्चे ने उनके सलाद में से spinach की एक leaf उठा ली, जो उसकी बाकी की ज़िन्दगी के लिए leaf of inspiration बन गयी।
    3. जब डॉ कलाम DRDO में थे तो किसी बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए उसकी बाहरी दीवारों के उपर कांच के टुकड़े लगाने का suggestion आया। पर उन्होंने इसे ये कहते हुए reject कर दिया कि ऐसा करने से birds जब दीवार पर बैठेंगी तो उन्हें चोट पहुँच सकती है।
    4. एक बार डॉ कलाम जब स्कूल के बच्चों को lecture दे रहे थे तभी बिजली में कुछ गड़बड़ी हो गयी । डॉ कालम उठे और सीधा बच्चों के बीच चले गए और उन्हें घेर कर खड़े हो जाने के लिए कहा। इस तरह से उन्होंने लगभग 400 बच्चों के साथ बिना माइक के संवाद किया।
    5. एक बार क्लास 6th के एक स्टूडेंट ने “Wings Of Fire” किताब पढने के बाद डॉ कलाम का एक स्केच बनाया। परिवार वालों ने encourage किया कि इसे President को भेजो। लड़के ने सोचा इससे क्या होगा, ये तो उन्हें मिलेगा भी नहीं, पर फिर भी बहुत जोर डालने पर उसने स्केच भेज दिया। कुछ दिन बाद उसे डॉ. कलाम का sign किया हुआ Thank You note आया।
    6. राष्ट्रपति बनने के कुछ दिन बाद वो किसी इवेंट में शरीक होने वो केरला राज भवन, त्रिवेंद्रम गए। उनके पास अपनी तरफ से किन्ही दो लोगों को बुलाने का अधिकार था, और आप जान कर हैरान होंगे कि उन्होंने किसे बुलाया- एक मोची को और एक छोटे से होटल के मालिक को। दरअसल, डॉ. कलाम बतौर scientist काफी समय त्रिवेन्द्रम में रहे थे, और तभी से वे इन लोगों को जानते थे, और किसी नेता या सेलेब्रिटी को बुलाने की बजाये उन्होंने इन आम लोगों को importance दी।
    7. IIT (BHU), Varansi के दीक्षांत समारोह में डॉ कलाम मुख्य अतिथि थे। जब वे मंच पर पहुंचे तो देखा कि उनके लिए जो कुर्सी लगी है वो बाकी कुर्सियों से बड़ी है। उन्होंने तुरंत उस पर बैठने से मना कर दिया और vice-chancellor को उस पर बैठने का आग्रह किया। जब vice-chancellor भी नहीं बैठे तो same size की एक कुर्सी मंगाई गयी और तब सब लोग बैठ पाए।
    8. भारत के राष्ट्रपति होते हुए भी वो बिलकुल आम लोगों की तरह रहते हे। एक बार उन्होंने Yahoo पर एक प्रश्न पुछा –“What should we do to free our planet from terrorism?”आप इसे यहाँ देख सकते हैं। इस प्रश्न के उत्तर में बहुत से लोगों ने उत्तर दिया, जिनमे भारत की जान-मानी हस्तियां भी शामिल हैं।
    9. जब कोई प्रेसिडेंट बन जाता है तो सरकार उसकी सारी ज़रूरतों का ध्यान रखती है, पद से हटने के बाद भी। इसलिए डॉ. कलाम ने अपनी सारी सेविंग्स Providing Urban amenities in Rural Areas (PURA) initiative के लिए donate कर दीं।
    10. जब डॉ कलाम DRDO में थे तब उन्हें एक college event के लिए बतौर chief guest invite किया गया था। लेकिन डॉ कलाम ने रात में ही वेन्यू का चक्कर लगाने पहुँच गए, वहां जाकर उन्होंने कहा कि वो real hard working लोगों से मिलना चाहते थे इसलिए इस वक्त आ गए।

    बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर से जुड़ी प्रेरक कहानिया व प्रसंग Dr. BR Ambedkar Inspirational Incidents & Stories in Hindi

    बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर से जुड़ी प्रेरक कहानिया व प्रसंग 

    Dr. BR Ambedkar Inspirational Incidents & Stories in Hindi


    दोस्तों, बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर का जीवन सतत संघर्ष और सफलता का ऐसा समन्दर है जिसमे खोजा जाए तो हमें ज्ञान और प्रेरणा रुपी बहुमूल्य रत्न प्राप्त हो सकते हैं. और आज my hindi list पर मैं आपके साथ ऐसे ही पांच रत्न यानि पांच प्रेरक कहानियां व प्रसंग साझा कर रहा हूँ.

    Dr. BR Ambedkar Inspirational Incidents & Stories in Hindi


    1~ बाबासाहेब की ईमानदारी


    यह आज़ादी के पहले की घटना है. 1943 में बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर को वाइसराय काउंसिल में शामिल किया गया और उन्हें श्रम मंत्री बना दिया गया. इसके साथ ही  लोक निर्माण विभाग (PWD) भी उन्ही के पास था. इस विभाग का बजट करोड़ों में था और ठेकेदारों में इसका ठेका लेने की होड़ लगी रहती थी.
    इसी लालच में दिल्ली के एक बड़े ठेकेदार ने अपने पुत्र को बाबासाहेब के पुत्र यशवंत राव के पास भेजा और बाबासाहेब के माध्यम से ठेका दिलवाने पर अपना पार्टनर बनाने और 25-50% तक का कमीशन देने का प्रस्ताव दिया. यशवंत राव उसके झांसे में आ गए और अपने पिता को यह सन्देश देने पहुँच गए.
    जैसे ही बाबासाहेब ने ये बात सुनी वो आग-बबूला हो गए. उन्होंने कहा-
    “मैं यहाँ पर केवल समाज के उद्धार का ध्येय को लेकर आया हूँ। अपनी संतान को पालने नहीं आया हूँ। ऐसे लोभ-लालच मुझे मेरे ध्येय से डिगा नहीं सकते।”

    2 ~बाबासाहेब और लाइब्रेरियन


    डॉ. आंबेडकर ने अपने जीवन में बहुत से कष्ट सहे लेकिन कभी भी अपनी  शिक्षा को प्रभावित नहीं होने दिया. वह हर दिन 14 से 18 घंटे तक अध्ययन किया करते थे. शिक्षा के प्रति उनकी ललक और जी तोड़ मेहनत का ही परिणाम था कि बड़ौदा के शाहू महाराज जी ने उन्हें उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड भेज दिया था.

    डॉ. बी आर आंबेडकर प्रेरक प्रसंग व कहानियां


    लन्दन प्रवास के दौरान वे रोज एक लाइब्रेरी में जाया करते थे और घंटों पढाई किया करते थे. एक बार वे लंच टाइम में अकेले लाइब्रेरी में बैठ-बैठे  ब्रेड का एक टुकड़ा खा रहे थे कि तभी लाइब्रेरियन ने उन्हें देख लिया और उन्हें डांटने लगा कि कैफेटेरिया में जाने की बजाय वे यहाँ छिप कर खाना खा रहे हैं. लाइब्रेरियन ने उनपर फाइन लगाने और उनकी मेम्बरशिप ख़त्म करने की धमकी दी.
    तब बाबासाहेब ने क्षमा मांगी और अपने और अपने समाज के संघर्ष और इंग्लैंड आने के की वजह के बारे में बताया. उन्होंने यह भी बड़ी ईमानदारी से कबूल किया कि कैफेटेरिया में जाकर लंच करने के लिए उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं हैं.
    उनकी बात सुनकर लाइब्रेरियन बोला-
    आज से तुम लंच आर्स में यहाँ नहीं बैठोगे तुम मेरे साथ कैफेटेरिया चोलोगे और मैं तुमसे अपना खाना शेयर करूँगा.
    वह लाइब्रेरियन एक यहूदी (Jew) था और उसके इस व्यवहार के कारण बाबासाहेब के मन में यहूदियों के लिए एक विशेष स्थान बन गया.

    3 ~ ख़याल कौन रखेगा?


    यह घटना तबकी है जब डॉ. आंबेडकर जब अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे. वह रोज सुबह लाइब्रेरी खुलने से पहले ही वहां पहुँच जाते थे और सबके जाने के बाद ही वे वहां से निकलते थे. यहाँ तक कि वे कई बार लाइब्रेरी की टाइमिंग ख़त्म होने के बाद भी वहां बैठे रहने की अनुमति माँगा करते थे.
    उन्हें रोज ऐसा करते देख एक दिन चपरासी ने उनसे कहा, “क्यों तुम हमेशा गंभीर रहते हो, बस पढाई ही करते रहते हो और कभी किसी दोस्त के साथ मौज-मस्ती नहीं करते.”
    तब बाबा साहेब बोले-
    “अगर मैं ऐसा करूँगा तो मेरे लोगों का ख़याल कौन रखेगा?”

    4 ~ संस्कृत का ज्ञान


    डॉ. अम्बेडकर को स्वतंत्र भारत के नए संविधान की रचना के लिए बनी संविधान मसौदा समिति (Drafting Committee of the Constitution) का अध्यक्ष बनाया गया.
    बात जब scheduled languages की लिस्ट तैयार करने की आई तो बाबासाहेब उसमे सभी भाषाओँ की जननी संस्कृत को भी स्थान देना चाहते थे. हालांकि, अधिकतर सदस्यों के विरोध के कारण ऐसा नहीं हो पाया. लेकिन इस दौरान जब एक बार संस्कृत भाषा को लेकर श्री लाल बहादुर शाश्त्री और आंबेडकर जी के बीच चर्चा हो रही थी तब लोगों ने देखा कि दोनों ही महान हस्तियाँ संस्कृत में वार्तालाप कर रही हैं.
    शाश्त्री जी से संस्कृत भाषा का ज्ञान होने की उम्मीद तो की जा सकती थी पर अशिक्षित दलित परिवार में जन्में बाबासाहेब भी संस्कृत भाषा पर इतनी पकड़ रखते हैं यह किसी ने नहीं सोचा था. जल्द ही ये बात मीडिया में छा गयी और सभी आंबेडकर जी के ज्ञान का लोहा मानने लगे.

    5 ~ No Peon, No Water / चपरासी नहीं, पानी नहीं 


    बाबासाहेब महार जाति से थे जिसे अछूत माना जाता था. यही कारण था कि वे विद्यालय में बाकी छात्रों के साथ नहीं बैठ सकते थे और उन्हें कक्षा के बाहर बैठ कर पढना पड़ता था. इसके अलावा उन्हें विद्यालय का नल छूने की भी अनुमति नहीं थी, जबकि बाकि के छात्र जब चाहे तब नल चला कर पानी पी सकते थे.
    उन्हें सिर्फ एक ही सूरत में पानी मिल सकता था, जब विद्यालय का चपरासी भी उपस्थित हो, यही वह नहीं होता था तो कोई और भी उन्हें नल चला कर पानी नहीं देता था. इसी स्थिति को उन्होंने बाद में अपने एक article में एक लाइन में summarize किया है-
    “No peon, no water.”

    फिट रहने के लिए हर दिन कितनी कैलोरी लें ?



    फिट रहने के लिए हर दिन कितनी कैलोरी लें ?



    आप को दिन भर में कितनी Calorie consume करनी चाहिए ये 4 चीजों पर निर्भर करता है:
    1) आपका Weight
    2) आपकी Age
    3) आपका Activity Level
    4) आपका Gender (Male/Female)
    जिंदा रहने के लिए हमें उर्जा की ज़रुरत होती है जो हमें Calories के form में खाने-पीने की चीजों से मिलती है. यदि हम दिन भर  सोते भी रहे तो भी body को energy  की आवश्यकता पड़ती है ताकि हामारे अंग सही तरह से काम करते रहे. इसी को हम BMR कहते हैं.
    Basal Metabolic Rate (BMR)
    BMR कैलोरी की वो मात्रा  है जो हमें basic body function जैसे कि सांस लेना, पाचन क्रिया, इत्यादि ,चलाने के लिए चाहिए होती है. किसी भी व्यक्ति को हर रोज़ कम से कम इतनी calorie लेनी ही चाहिए. BMR हर किसी के लिए अलग अलग होती है . पर on an average पुरुषों के लिए यह 1600-1800 Calorie और महिलाओं के लिए 1300-1500 Calorie per day होती है.
    यहाँ मैं आपके साथ कुछ charts share कर रहा हूँ जो आपको आपके sex, weight और age group  के हिसाब से आपको हर रोज़ कितनी Calorie लेनी  चाहिए बताएँगे, ज़ाहिर है कि आपकी actual calorie needs  आपके activity level के हिसाब से vary करेगी. पर यहाँ से आपको एक ठीक-ठाक अनुमान मिल सकता है:
    Daily Calorie Requirement For Women 
    WeightAge 18 to 35Age 36 to 55Age over 55
    45 kg1760 cals1570 cals1430 cals
    50 kg186016601500
    55 kg195017601550
    60 kg205018601600
    65 kg215019601630
    70 kg225020501660
    75 kg –
    (and above)
    240021501720
    Daily Calorie Requirement For Men
    WeightAge 18 to 35Age 36 to 55Age over 55
    60 kg248023001900
    65 kg262024002000
    70 kg276024802100
    75 kg290025602200
    80 kg305026702300
    85 kg320027602400
    90 kg
    (and above)
    350030002600
    आपको अपनी age,weight,sex, और, activity level के हिसाब से exactly हर रोज़ कितनी कलोरी लेनी चाहिए

    Calorie Count for Common Indian Food Items:
    • Maggi (100gm) : 402 Cal. ( 10 रुपये वाली मैगी 80gm की होती है , यानि 321 Calorie)
    • 1 समोसा  : 156 Cal.
    • 1 रोटी -60 Cal.
    • चावल  -260 Cal per 75gm
    • जैम -290 per 100 gm
    • पालक पनीर  – 240 per 310 gm
    • कोल्ड-ड्रिंक – 41 Cal per 100 ml
    यदि आप अपनी Calorie needs को सही से समझ चुके हैं और उसी के हिसाब से अपना खान-पान करते हैं तो निश्चित ही आप अपने weight को control में रख सकते हैं. बस इतना ध्यान रखना है कि ज़रुरत भर की ही Calories लें और थोडा active रह कर अपनी extra calories को burn करते रहे

    Note: कई food-items पर Kcal लिखा होता है, दरअसल  Calorie or Kcal एक ही चीज हैं. जब calorie को capital “C” से लिखते हैं तो उसका मतलब Kcal या  Kilo calorie ही होता है.

    सर दर्द ,रुसी और बदहजमी दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय

    सर दर्द ,रुसी और बदहजमी दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय 


    सर दर्द से राहत के लिए 

    १. तेज़ पत्ती की काली चाय में निम्बू का रस निचोड़ कर पीने से सर दर्द में अत्यधिक लाभ होता है.
    २ .नारियल पानी में या चावल धुले पानी में सौंठ पावडर का लेप बनाकर उसे सर पर लेप करने भी सर दर्द में आराम पहुंचेगा.
    ३. सफ़ेद चन्दन पावडर को चावल धुले पानी में घिसकर उसका लेप लगाने से भी फायेदा होगा.
    ४. सफ़ेद सूती का कपडा पानी में भिगोकर माथे पर रखने से भी आराम मिलता है.
    ५. लहसुन पानी में पीसकर उसका लेप भी सर दर्द में आरामदायक होता है.
    ६. लाल तुलसी के पत्तों को कुचल कर उसका रस दिन में माथे पर २ , ३ बार लगाने से भी दर्द में राहत देगा.
    ७. चावल धुले पानी में जायेफल घिसकर उसका लेप लगाने से भी सर दर्द में आराम देगा.
    ८. हरा धनिया कुचलकर उसका लेप लगाने से भी बहुत आराम मिलेगा.
    ९ .सफ़ेद  सूती कपडे को सिरके में भिगोकर माथे पर रखने से भी दर्द में राहत मिलेगी.

     बालों की रूसी दूर करने के लिए

    १. नारियल के तेल में निम्बू का रस पकाकर रोजाना सर की मालिश करें.
    २. पानी में भीगी मूंग को पीसकर नहाते समय शेम्पू की जगह प्रयोग करें.
    ३. मूंग पावडर में दही मिक्स करके सर पर एक घंटा लगाकर धो दें.
    ४ रीठा पानी में मसलकर उससे सर धोएं.
    ५. मछली, मीट अर्थात nonveg त्यागकर केवल पूर्ण शाकाहारी भोजन का प्रयोग भी आपकी सर की रूसी दूर करने में सहायक होगा.

    गैस व् बदहजमी दूर करने के लिए

    १. भोजन हमेशा समय पर करें.
    २. प्रतिदिन सुबह देसी शहद में निम्बू रस मिलाकर चाट लें.
    ३. हींग, लहसुन, चद गुप्पा ये तीनो बूटियाँ पीसकर गोली बनाकर छाँव में सुखा लें, व् प्रतिदिन एक गोली खाएं.
    ४. भोजन के समय सादे पानी के बजाये अजवायन का उबला पानी प्रयोग करें.
    ५. लहसुन, जीरा १० ग्राम घी में भुनकर भोजन से पहले खाएं.
    ६. सौंठ पावडर शहद ये गर्म पानी से खाएं.
    ७. लौंग का उबला पानी रोजाना पियें.
    ८. जीरा, सौंफ, अजवायन इनको सुखाकर पावडर बना लें,शहद के साथ भोजन से पहले प्रयोग करें.

    कब्ज दूर करने के आयुर्वेदिक व घरेलू उपाय

    कब्ज दूर करने के आयुर्वेदिक व घरेलू उपाय

    दोस्तों, लगभग हर कोई अपनी लाइफ़ में कभी न कभी पेट साफ़ ना होने यानि कब्ज की बीमारी का सामना करता है। ज्यादातर मामलों में ये समस्या कुछ ही दिनों में ठीक हो जाती है पर बहुत से लोग सालों साल इसकी वजह से परेशान रहते हैं।
    आज हम आपको कब्ज की परेशानी दूर करने के कुछ बड़े ही आसान उपाय बता रहे हैं, जिन्हें अपना कर आप इस समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं। आइये इसके बारे में हम विस्तार से जानते हैं।

    कब्ज क्या है?  What is constipation in Hindi

    कब्ज एक ऐसी स्थिति है जिसमे व्यक्ति का पेट ठीक से साफ नहीं होता है और मल त्याग करते समय कष्ट भी होता है। कब्ज से पीड़ित व्यक्ति आम लोगों की तुलना में कम बार शौच करता है। जहाँ आम तौर पर लोग दिन में कम से कम एक बार शौच करते हैं वहीँ  कांस्टीपेशन का मरीज ३ या उससे भी ज्यादा दिनों तक मॉल त्याग नहीं कर पाता। इस कारण से उसका पेट भार-भारी रहता है और भोजन में भी अरुचि हो जाती है। कब्ज के कारण कुछ लोगों को उल्टी भी हो जाती है और सर में दर्द भी बना रहता है।

    कब्ज के लक्षण क्या-क्या हैं? Symptoms of Constipation in Hindi

    • ठीक से मल त्याग ना होना या पेट ना साफ़ होना
    • मल त्याग करने में तकलीफ होना
    • स्टूल (टट्टी/मल) का बहुत हार्ड और कम मात्रा में होना
    • बार-बार ऐसा लगना कि अभी थोड़ा और मल त्याग करना चाहिए
    • पेट में सूजन या दर्द होना
    • उल्टी होना

    कब्ज होने के कारण / Cause of Constipation in Hindi

    • भोजन ग्रहण करने में अनियमितता
    • बासी भोजन करना
    • अति विश्राम / कम शारीरिक श्रम
    • मानसिक तनाव / टेंशन
    • अधिक चिकनाई वाला भोजन
    • आंतों की कमजोरी
    • कम पानी पीना
    • धूम्रपान / कैफीन द्रव्यों का सेवन
    • खाना खाते समय अधिक जल ग्रहण करना
    • स्वभाव में अधिक उग्रता
    • गरम मसाले वाले तथा अधिक तैलीय खाना खाना

    • कब्ज दूर करने के आयुर्वेदिक व घरेलू उपाय / Ayurvedic and Home Remedies for Constipation In Hindi


      • त्रिफला चूर्ण दो चम्मच हल्के गरम पानी में घोल कर नित्य रात्रि में सोते समय लेने से कब्ज की तकलीफ में तुरंत राहत मिलती है।
      • थोड़े गरम दूध या पानी के साथ हरड़, बहेड़ा, और आंवला का समान मात्रा में तैयार किया हुआ चूर्ण रात्री में सोने के पहले रोज लेने से कब्ज की बीमारी दूर होती है।
      • कब्ज़ की तकलीफ दूर करने के लिए मुनक्का एक असरदार उपाय है। आठ से दस मुनक्का गरम दूध में उबाल कर नित्य सेवन करने से पेट को राहत मिलती है। और मल सरलता से त्याग हो जाता है।
      • पपीता पेट ठीक करने में काफी लाभदायक होता है।
      •  सेब तथा अंगूर खाने से भी पेट साफ आता है। सेब का ज्यूस काफी उपयोगी होता है। सेब का ज्यूस पीने से आंतों की अंदरूनी सतह पर बदबू और संकमण नाशक परत का सर्जन हो जाता है। और सेब का नित्य सेवन अन्य कई बीमारियों से रक्षण प्रदान करता है।
      • आंवला का चूर्ण कब्ज़ को जड़ से मिटा देता है। आंवला का चूर्ण रात्री में सोने से पहले अति गुणकारी है।
      • आंवला कई तरह से ग्रहण किया जा सकता है। आप इसका जूस पी सकते हैं। आंवला को सूखा कर चूर्ण बनाया जा सकता है। और आंवला की चटनी भी बना कर खायी जा सकती है।
      • आंवला के मुरब्बे को खाने के बाद ऊपर दूध पीने से कब्ज में राहत हो जाती है।
      • टमाटर खाने से भी कब्ज़ खत्म हो जाता है। खाने के साथ सलाद में कच्चा टमाटर खाना लाभदायी होता है।
      • टमाटर का सूप भी पिया जा सकता है। टमाटर जिद्दी आंतों में जमे पुराने मल को साफ करने का सटीक उपाय है।
      • बैंगन की सब्जी, चोलाई की सब्जी, पालक की सब्जी, आम, चने, दूध और शहद का मिश्रण मल त्याग वृति को सरल बनाता है।
      • आम का रस निकाल कर पीना उत्तम होता है और उसके ऊपर हल्का गरम दूध भी पीना चाहिए।
      • तांबे के बर्तन में एक चुटकी नमक डाल कर पानी रात भर ढक कर रख कर सुबह में उस पानी को पीने से कब्ज में राहत हो जाती है।
      • हल्के गरम गुनगुने पानी में चुटकी भर नमक मिला कर सोने से पूर्व पीने से भी आंते साफ रहती है। और अशुद्ध जमा हुआ मल शौच के समय आसानी से निकल जाता है।
      • एक चम्मच अरंडे का तेल जीभ पर नमक लगा कर रात को पी जाने / निगल जाने से मल साफ आता है।
      • गिलोय का गुड मिश्रित चूर्ण कब्ज़ में राहत देता है।
      • सब्जी पकाते समय उसमे लहसुन का प्रयोग करने से कब्ज की सम्भावना कम हो जाती है। लहसुन पाचन शक्ति वर्धक और गैस का शत्रु है। इसलिए लहसुन का सेवन नित्य करना चाहिए।
      • फूलगोभी, गाजर, पालक, घी, और बड़ी इलायची कब्ज की परेशानी में राहत देते हैं।
      • गाजर का रस निकाल कर पीना कब्ज में लाभदायक है।
      • काकजंघा और घी का मिश्रण नित्य पीने से उदर रोगों का नाश होता है।
      • पका हुआ लाल खरबूजा और तरबूज पेट को साफ करने में मदद करता है।
      • बथुआ की सब्जी शक्ति वर्धक और कब्ज नासक बताई गयी है।
      • मसूर की दाल कब्ज़ में राहत देती है।
      • मूंग और चावल की ढीली गरम खिचड़ी खाने से भी पेट साफ आता है।
      • पीपल के पत्तों क काढ़ा पीने से भी कब्ज मिटता है। पीपल के लाल चटक फल खाने से भी कब्ज में राहत मिलती है।
      • कब्ज़ में दहीं क सेवन भी फायदेमंद रहता है।
      • गाय का दूध पीने से भी कब्ज मिटताहै।
      • दूध में काली मिर्च के तीन से पाँच दाने मिला कर साबुत निगल जाने से भी कब्ज दूर होता है।
      • दूध में गुलकंद मिला कर, या दूध में मुनक्का मिला कर पीने से भी कब्ज खत्म हो जाता है।
      • नीम कड़वा होता है और संक्रमण नाशक होता है। नीम के फूलों को सूखा कर पीस कर उसका चूर्ण बनाना चाहिए और उसे नित्य सोते समय पानी के साथ लेना चाहिए।
      • करेले के रस में सेधानमक नमक और जीरा मिला कर पीने से भी कब्ज रोग में राहत होती है।
      • कच्चे शलगम खाने से भी पेट साफ आता है।
      • धनिया कब्ज तोड़ने में मदद करता है धनिये की चटनी भी लाभदायी होती है।
      • त्रिफला, अजवायन और सेधानमक क समान मात्रा वाला मिश्रण रात को सोते समय एक चम्मच गरम पानी के साथ रोज लेने से कब्ज में राहत हो जाती है।
      • अदरख, लौंग और सौंठ कब्ज़ मिटाने के राम बाण इलाज है। अदरख क रस शहद में मिला कर पीना लाभ दायी होता है।
      • सौंठ अजवायन और काला नमक समान मात्रा में मिश्रित कर के मिश्रण तयार कर लें और एक चम्मच सुबह और एक चमच सोने के पूर्व पानी के साथ लेना कब्ज मिटाता है।
      • लौंग अजवायन, काली मिर्च, लाहौरी नमक और मिश्री को समान मात्रा में निकाल कर पीस लें और उसमे नींबू निचोड़ कर सुखाने सुखाने के लिए रख दें। इस मिश्रण को गरम पानी के साथ लेने से पेट की तकलीफ़ों में राहत हो जाती है।
      • दूध और गुलकंद मिला कर पीने से कब्ज मिटता है।
      • नींबू अदरख और शहद क मिश्रित रस आंतों को साफ कर देता है। और कब्ज की शिकायत दूर करता है।
      • अमरूद खाने से कब्ज नहीं होता है। और अमरूद खाने के बाद ऊपर से दूध पीने से पुराने कब्ज की तकलीफ चुटकियों में दूर होती है।
      • सौंठ, दाल चीनी का तेल, इलाईची और और जीरा समान मात्रा में मिला कर पीना कब्ज में लाभदायी होता है।
      • दालचीनी क तेल और शक्कर / चीनी मिला कर पीने से भी कब्ज दूर होता है। यह चूर्ण अजीर्ण की तकलीफ में राहत देता है।
      • तुलसी के पत्ते, अनार, लीची, काजू, मटर, खीरा, बादाम, खजूर, पका केला दही के साथ, हींग, गेहूं के पौधे क रस, संतरा, मेथी, गौमूत्र, केसर, अंजीर, दूध और अंजीर, मूली का रस, मूली के हरे पत्ते, मूली के बीजो का चूर्ण और कच्चा प्याज आदि चीजें पाचन शक्ति अनुसार ग्रहण करने से कब्ज की तकलीफ दूर होती है।